अनूठी पहल: प्राथमिक विद्यालय में जापानी तकनीक से सघन वृक्षारोपण
कोयलसा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय धनेज दूबे में पर्यावरण संरक्षण की मिसाल
आजमगढ़ जनपद के ब्लॉक कोयलसा स्थित प्राथमिक विद्यालय धनेज दूबे में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने हेतु एक अनूठी पहल की गई। मुंबई की प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था ग्रीन यात्रा द्वारा विद्यालय परिसर में लगभग 1000 पौधों का रोपण जापानी मियावाकी तकनीक के माध्यम से किया गया। इस तकनीक के जरिए कम स्थान में तेजी से घने जंगल तैयार किए जाते हैं, जो पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में अत्यंत प्रभावी माने जाते हैं।
इस अभियान का उद्देश्य बच्चों और ग्रामीणों के बीच पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा आने वाली पीढ़ियों को हरित और स्वच्छ वातावरण प्रदान करना है। कार्यक्रम के दौरान ग्रीन यात्रा के संस्थापक प्रदीप त्रिपाठी ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन को देखते हुए अब केवल शहरों ही नहीं बल्कि गांवों में भी पर्यावरण संरक्षण पर गंभीरता से कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि मियावाकी तकनीक तेजी से जैव विविधता बढ़ाने और प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को पुनर्जीवित करने में मददगार साबित हो रही है।

इस पूरे वृक्षारोपण अभियान को ठाकुर पाण्डेय के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। कार्यक्रम में कौशल दुबे, प्रशांत तिवारी एवं विकास दुबे का विशेष सहयोग रहा। विद्यालय परिसर में लगाए गए पौधों में औषधीय, सुगंधित, पुष्पित एवं पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण कई प्रजातियां शामिल हैं।

विद्यालय परिसर में विकसित किए गए सघन हरित क्षेत्र, पोषण वाटिका, औषधीय उद्यान एवं परागण उद्यान बच्चों के लिए न केवल प्राकृतिक शिक्षा का केंद्र बनेंगे बल्कि पर्यावरण संरक्षण की प्रेरणा भी देंगे। ग्रामीणों और अभिभावकों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक कदम बताया।
यह पहल आने वाले समय में गांवों में हरित क्रांति और पर्यावरण जागरूकता की नई मिसाल बन सकती है।

