Khabar Manch : वैश्विक जलवायु संकट और तापमान में वृद्धि इस सदी की सबसे बड़ी चुनौती

Azamgarh News : राजकीय महिला महाविद्यालय अहिरौला में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ऑनलाइन वार्ता का आयोजन ‘वैश्विक जलवायु परिवर्तन: तापमान में वृद्धि व जनजीवन’ विषय पर हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. महेन्द्र प्रकाश ने अपने सम्बोधन में बताया कि जलवायु संकट और तापमान में भारी वृद्धि इस सदी की सबसे बड़ी चुनौती है, जिससे आज सम्पूर्ण विश्व प्रभावित है। मानव को सभ्यता की इस अंधी दौड़ में उन कारकों पर गंभीरता से ध्यान केंद्रित करना होगा, जिसकी वजह से वैश्विक तापमान में तेजी से वृद्धि हुई है। 2026 में वैश्विक स्तर पर भीषण सूखा व तीव्र तापमान की जो विनाशकारी घटनायें घटी हैं, उसने सबको सचेत कर दिया है। आंकड़े बताते हैं कि ऐसी चरम मौसमी घटनायें वर्ष 2000 के दशक की शुरुआत की तुलना में अब लगभग आठ गुना तक बढ़ गई हैं। मुख्य वक्ता विज्ञान संकाय के डा. प्रज्ञानंद प्रजापति और डा. जमालुद्दीन अहमद ने विषय को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझाते हुए कहा कि यदि हमने अपनी जीवनशैली में बदलाव नहीं किया एवं कार्बन उत्सर्जन को कम नहीं किया, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए जनजीवन और अधिक दुष्कर हो जायेगा। उन्होंने पौधरोपण और जल संरक्षण को आज के समय की परम आवश्यकता बताया। इस अवसर पर महाविद्यालय की छात्राओं ने भी अपने विचार साझा किये। बीएससी की अर्पिता, शिप्रा पाण्डेय, शिखा मौर्या बीए की दिव्या, महिमा, श्वेता ने छात्राओं की ओर से बोलते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण की शुरुआत हमें अपने घर और आस-पास के परिवेश से करनी होगी। प्लास्टिक का उपयोग समाप्त करना, अधिक से अधिक पेड़ लगाना और ऊर्जा के सर्वोत्तम वैकल्पिक स्रोत तलाशना ही इस संकट का एकमात्र समाधान है। यह धरा हमें अपनी बात संकेत से देती है कि उभरते समुद्र, असंयमित तूफान, उग्र जंगल की आग, गर्मी की लहरें, पिघलते ग्लेशियर भविष्य के लिए चुनौतीपूर्ण हैं। इस ऑनलाइन वार्ता में महाविद्यालय के प्राध्यापक डा. राकेश कुमार यादव्, डा. दिलीप कुमार वर्मा कर्मचारीगण व छात्रायें डिजिटल माध्यम से जुड़ी रहीं।
