मिशन शक्ति के छठे चरण के तहत राजकीय महिला महाविद्यालय अहिरौला में विधिक जागरूकता कार्यशाला आयोजित
अहिरौला, आजमगढ़। राजकीय महिला महाविद्यालय, अहिरौला में मिशन शक्ति के छठे चरण के अंतर्गत नारी सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन को लेकर विधिक सहायता केंद्रित कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में छात्राओं को महिलाओं के कानूनी अधिकारों, सुरक्षा उपायों, विधिक सहायता और आत्मनिर्भरता के महत्व के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. महेंद्र प्रकाश ने कहा कि समाज में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। आज महिलाएं प्रत्येक क्षेत्र में अपनी भागीदारी बढ़ा रही हैं। ऐसे में कार्यस्थल पर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना और उनके सम्मान की रक्षा करना पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने कानूनी अधिकारों एवं उपलब्ध विधिक सहायता के साधनों की जानकारी होनी चाहिए, ताकि वे निर्भीक होकर अपने कार्य कर सकें।
वहीं, महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. प्रज्ञानंद प्रजापति ने स्वावलंबन एवं विधिक जागरूकता की अवधारणा पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि स्वावलंबन का अर्थ केवल धन अर्जित करना नहीं, बल्कि उसका स्वतंत्र रूप से उपयोग करना और अपने जीवन से जुड़े निर्णय स्वयं लेने की क्षमता विकसित करना भी है। उन्होंने छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने तथा अपने संवैधानिक एवं विधिक अधिकारों के प्रति सतर्क और जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राकेश कुमार यादव ने किया। उन्होंने मिशन शक्ति के प्रमुख उद्देश्यों और विधिक सहायता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर एनएसएस की स्वयंसेविकाओं वैष्णवी राय, कविता चौबे, शिवांगी यादव और खुशबू ने भी महिला सुरक्षा एवं विधिक अधिकारों से संबंधित अपने विचार प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. जमालुद्दीन अहमद, डॉ. दिलीप कुमार वर्मा, अदिति सिंह चौहान, आशा देवी, संतोष, शोभनाथ सहित एनएसएस की स्वयंसेविकाएं एवं छात्राएं उपस्थित रहीं।
मुख्य संदेश: मिशन शक्ति के माध्यम से महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना, सुरक्षा सुनिश्चित करना और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरित करना कार्यशाला का प्रमुख उद्देश्य रहा।
